अधिकांश लोग मानते हैं कि उचित आचार-विचारोंका पालन, कत्र्तव्यकर्म एवं धर्माचरण ही ‘आचारधर्म' है । ‘आचारधर्म’ का इतना संकीर्ण अर्थ न समझें । आचारधर्मकी व्यापक अर्थपूर्ण परिभाषा है - ‘ईश्वरके चरणोंतक ले जानेमें सहायक जीवनका प्रत्येक कृत्य, अर्थात् आचरण तथा उसकी शिक्षा प्रदान करनेवाला धर्म । ‘आचार: प्रभवो धर्म: ।’ अर्थात् ‘धर्म आचारसे उत्पन्न हुआ है ।’ हमारे धार्मिक जीवनकी रचना आचारधर्मपर निर्भर है । धर्माचरण एवं साधनाका उद्देश्य है ‘ईश्वरप्राप्ति’ । आचारधर्मके पालनसे व्यक्तिकी सात्त्विकता बढकर वह साधनामें रुचि लेने लगता है । उन्नत साधक तथा संतोंकीr साधना अंतर्मनमें निरंतर चलती रहती है, अत: उन्हें मानसिक एवं बौद्धिक स्तरके आचारधर्मकी आवश्यकता नहीं रहती है । किसी भी विषयके विविध दृष्टिकोण एवं उनका महत्त्व समझनेपर वह मानस पटलपर भली-भांति अंकित होता है और उसे आचरणमें लानेकी प्रेरणा भी प्राप्त होती है । इसीलिए प्रस्तुत विशेषांकमें आचारधर्मके विविध कृत्योंका महत्त्व बताया है । आचारधर्म-पालनसे हिंदु धर्मका महत्त्व जानें, उनमें जिज्ञासा जागे एवं साधनाकी प्रेरणा मिले यही श्रीगुरुचरणोंमें प्रार्थना है ! - संपादक
Saturday, May 28, 2011
‘हिंदुजागृति डॉट ओआर्जी’ जालस्थानके (वेबसाइटके) हिंदी संस्करणका उदघाटन
पनवेल (महाराष्ट्र) - हिंदु जनजागृति समितिके ‘हिंदुजागृति डॉट ओआरजी’ नामक अंग्रेजी जालस्थानने (वेबसाइटने) आज हिंदुओंको जागृत और आनंदित करनेके कार्यमें ऊंची उडान लगाई है । अक्षय तृतीयाके निमित्तसे इस जालस्थानका हिंदी संस्करण प्रकाशित होनेपर हमें अत्यधिक आनंद हो रहा है । हमारा आशीर्वाद इसके साथ सदैव है । इस जालस्थानका ध्येय मात्र मानवको आनंदमय करना नहीं, अपितु पंचमहाभूतोंसे निर्मित चराचर सृष्टिके प्राणी-पक्षी, लता, मिट्टी-पत्थर सबको आनंदमय करना है । यह कार्य शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण हो, यह श्रीकृष्णके चरणोंमें प्रार्थना है । यह आशीर्वाद सनातन संस्थाके देवद, पनवेल आश्रमके संतश्रेष्ठ प.पू. पांडे महाराजने दिया ।
इस जालस्थानका उद्घाटन प.पू. पांडे महाराजके करकमलोंसे आश्रममें ही आयोजित एक छोटे-से समारोहमेंहुआ । अब http://hindujagruti.org/hindi/ इस कडीपर (लिंकपर) यह जालस्थान उपलब्ध है । इस अवसरपर ‘हिंदुजागृति डॉट ओआर्जी’ जालस्थानके प्रतिनिधि श्री. यज्ञेश सावंतने प.पू. पांडे महाराजको इसकी जानकारी दी और सनातन संस्थाके संस्थापक प.पू. डॉ. जयंत आठवलेजीका संदेश पढकर सुनाया । इस अवसरपर हिंदु जनजागृति समितिके मुंबई, ठाणे और रायगड जनपदोंके समन्वयक श्री. शिवाजी वटकर उपस्थित थे ।‘हिंदुजागृति डॉट ओआर्जी’ जालस्थानके (वेबसाइटके) हिंदी संस्करण
से धर्मजागृतिके कार्यकी गति बढेगी !
‘अक्षय तृतीयाके मुहूर्तपर आरंभ हुए ‘हिंदुजागृति डॉट ओआर्जी’के हिंदी संस्करणको हार्दिक शुभकामनाएं ! ‘हिंदुजागृति डॉट ओआर्जी’ जालस्थानका अंग्रेजी संस्करण आज धर्मजागृतिके कार्यमें अग्रसर है । फिर भी देशके हिंदुओंमें बडी मात्रामें धर्मजागृति होने हेतु उन्हें सहज समझमें आनेवाली राष्ट्रभाषामें जालस्थान उपलब्ध होना, कालकी आवश्यकता थी । ६मईको इस आवश्यकताकी पूर्ति हुई । आनेवाले कालमें इस जालस्थानके हिंदी संस्करणके माध्यमसे धर्मजागृतिका कार्यका विस्तार और भी बढेगा !’ - प.पू. डॉ. जयंत बाळाजी आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
राष्ट्र एवं धर्मपर होनेवाले आघात
हिंदुओ, ऐसे हिंदुद्रोही समाचार प्रणालोंका (न्यूज चैनलोंका) बहिष्कार कीजिए !
विदेशी ईसाई स्वामित्वकी ‘स्टार माझा’ मराठी
समाचार प्रणालद्वारा योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाकी अपकीर्ति !
समाचार प्रणालद्वारा योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाकी अपकीर्ति !
मुंबई (महाराष्ट्र) - मराठी समाचार प्रणाल (न्यूज चैनल) ‘स्टार माझा’ने योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाके धाराशीवमें आयोजित पत्रकार परिषदका समाचार दिखाया । ‘आंखें खोलिए, ठीकसे देखिए’ यह घोषवाक्य दिखाकर ‘स्टार माझा’ने आधारहीन समाचार देते हुए योगगुरु प.पू. रामदेवबाबाकी आलोचना कर हिंदुद्रोहका कृत्य आरंभ किया । इस कारण संतप्त एक धर्माभिमानी हिंदु महिलाने ‘स्टार माझा’के कार्यालयसे संपर्वâ कर प्रतिनिधिको फटकारा । (हिंदुद्रोहके विरोधमें सतर्वâ रहकर तत्परतासे कृत्य करनेवाली धर्माभिमानी हिंदु महिलाका अभिनंदन ! इस प्रकारसे कितनी बार डांटनेपर ‘स्टार माझा’ जैसे समाचार प्रणाल हिंदुद्रोह करना रावेंâगे ? - संपादक) धर्माभिमानी महिलाके डांटनेपर ‘स्टार माझा’ ने प.पू. रामदेवबाबाकी अपकीर्ति करनेवाली कुछ अधोवाक्य पट्टियां (बॉटम स्ट्रिप) दिखाना बंद कर दिया ।
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आतंकवादियोंके समर्थक स्वामी (?) अग्निवेशका हिंदुद्वेष !
कहते हैं, अमरनाथ यात्रा पाखंड है !
नई दिल्ली – काश्मीरके आतंकवादियों और नक्सलवादियोंका सार्वजनिकरूपसे समर्थन करनेवाले और देशद्रोहके आरोपमें आजन्म कारावास का दंड पाए डॉ. विनायक सेनको भारतरत्न पुरस्कार दिया जाए, यह मांग करनेवाले स्वामी (?) अग्निवेशने अमरनाथकी हिम-शिवलिंग दर्शनयात्राको पाखंड कहा तथा अमरनाथका हिम-शिवलिंग दैवी चमत्कार नहीं है, यह हिंदुद्वेषी वक्तव्य किया । (हिंदु अपने आस्थाकेंद्रोंके विषयमें उदासीन हैं, इसीलिए अग्निवेशसमान हिंदुद्वेषी ऐसा वक्तव्य कर पाते हैं । इस प्रकारका वक्तव्य ईसाई अथवा मुसलमानोंके विरुद्ध करनेका साहस अग्निवेश दिखाएंगे क्या ? हिंदुओंको ऐसे हिंदुद्वेषियोंका सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए । - संपादक)
स्वामी (?) अग्निवेशका अन्य राष्ट्रद्रोही वक्तव्य
काश्मीरवासियोंकी स्वतंत्रताका स्वर राज्यकर्ता दबा रहे हैं! (क्या अब भी श्री. अण्णा हजारे, श्री. अरविंद केजरीवाल एवं किरण बेदी ऐसे राष्ट्रद्रोहीको भ्रष्ट्राचार विरोधी आंदोलनमें सहभागी करेंगे ? ऐसोंको आंदोलनमें सहभागी करवानेसे आंदोलनकी पवित्रता भंग हो रही है । - संपादक)
स्वामी अग्निवेश, वेशधारी पाखंडीद्वारा धर्मद्रोहकी स्वीकृति !
वर्ष २००९ में दूरदर्शनपर एक साक्षात्कारमें स्वामी अग्निवेशसे पूछे गए प्रश्नोंके उत्तरमें उन्होंने धर्मद्रोही भाषामें उत्तर दिया । साक्षात्कार लेनेवाले निवेदकने पूछा कि, आपका हिंदु धर्मपर विश्वास नहीं, तो आप स्वामी कैसे और भगवा कपडे क्यों ? इसका उत्तर देते हुए स्वामी अग्निवेशने कहा, ‘जब मैं अपने विचारोंका प्रसार कर रहा था, उस समय मेरी कोई भी नहीं सुनता था; परंतु भगवे कपडे और स्वामी यह नाम देनेपर लोग सुनते हैं और विश्वास करते हैं । इसलिए मैने हिंदु धर्मविरोधी तत्वज्ञानका प्रसार करनेके लिए हिंदुओंके आस्थाचिन्होंको अपना लिया है ।’
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पशुवधगृहोंके (कसाईघरोंके) विरोधमें अनशनपर बैठे जैन मुनिको
आरक्षियोंद्वारा बलपूर्वक चिकित्सालयमें भरती किए जानेपर तनाव
बागपत (उत्तरप्रदेश) – उत्तरप्रदेशके पश्चिमी क्षेत्रमें ८ अत्याधुनिक पशुवधगृहोंके (कसाईघरोंके) निर्माणके विरुद्ध यहांके प्रसिद्ध जैन मुनि प्रभु सागर ३ मईसे आमरण अनशनपर बैठे थे । उनका स्वास्थ्य बिगडनेका कारण बताकर आरक्षियोंने उन्हें देर रात बंदी बनाकर बलपूर्वक चिकित्सालयमें भरती कर दिया । इसलिए १२ मईको यहांके क्रुद्ध नागरिकोंने पत्थरफेंक और तोडफोड की । (जो लोकतांत्रिक एवं वैधानिक मार्गसे विरोध करते हैं, उनपर भी शासन अत्याचार कर आंदोलन दबाता है ! यहांपर आंदोलनकर्ता देशकी संपत्तिकी हानि न कर, शासकोंसे प्रश्न करें ! - संपादक)
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तीन वर्षोंमें मंदिरोंमें हुई चोरीकी २३२ घटनाएं, तथा धर्मभावना आहत करनेकी ४८७ घटनाएं
सुळ्या (कर्नाटक) - कर्नाटक राज्यमें वर्ष २००८ से २०१० तक इन तीन वर्षोंमें मंदिरोंमें चोरीकी २३२ घटनाएं आरक्षक चौकियोंमें (पुलिस स्थानोंमें) प्रविष्ट हैं । इनमें चोरीके ४४ लक्ष ९ सहस्र २४ रुपयोंके अलंकार और नगदी लूटी गई है । इससे भी भयानक बात यह है कि इन तीन वर्षोंमें राज्योेंमें हिंदुओंकी धर्मभावना आहत करनेकी ४८७ घटनाएं हुई हैं । इन घटनाओंमें आजतक केवल ११ लोगोंको बंदी बनाया गया है, यह चिंताजनक तथ्य बी. रामा भटको ‘सूचनाका अधिकार’के अंतर्गत प्राप्त प्रमाणोंसे उजागर हुआ ।
कहां आतंकवादियोंका अस्तित्व मिटा देनेवाले अमरीका......
कहां आतंकवादियोंका अस्तित्व मिटा देनेवाले अमरीका के राज्यकर्ता और कहां आतंकवादियोंसे घरजंवाईकी भांति व्यवहार करनेवाले भारतके निधर्मी राज्यकर्ता !
अमरीकाने लादेनको मारकर उसके शवको समुद्रमें डुबोया (दफनाया)
लादेनके शवको भूमिमें गाडनेसे (दफनानेसे) विश्वभरके मुसलमान आतंकवादियोंका वह तीर्थस्थल बन जाएगा, इस भयसे अमरीकाने ओसामा-बिन-लादेनको इस्लामी पद्धतिसे समुद्र-तलमें गाडा (दफनाया) और इस स्थानको गुप्त रखा । (आतंकवादियोंकी शवभूमिपर (दफनभूमिपर) दरगाह बनानेकी अनुमति देकर उसे तीर्थस्थान बनानेवाले भारतके धर्मनिरपेक्ष शासक इस घटनासे कोई पाठ सीखेंगे क्या ? - संपादक)
भारत दाऊदपर अमरीका समान कार्यवाही नहीं कर सकता ! - शरद पवार
भारतकी विदेशनीति और अमरीका की विदेशनीतिमें अंतर है । इस कारण भारत अमरीका समान विदेशी भूमिपर जाकर दाऊद इब्राहिम समान शत्रुके विरुद्ध कार्यवाही नहीं कर सकता, यह विचार वेंâद्रीय कृषिमंत्री शरद पवारने व्यक्त किए । (जो भारतीय शासक अपनी भूमिपर कसाब जैसे राष्ट्रके शत्रुको तीन वर्षोंसे जीवित रखकर उसका पालन-पोषण करते हैं, वे विदेशी भूमिपर जाकर दाऊदका वध क्या करेंगे ? )
भारत-पाक चर्चा आरंभ ही रहेगी !
नई दिल्ली - अल्-कायदके प्रमुख ओसामा बिन लादेनको भले ही अमरीकाने पाकमें मार दिया हो; परंतु इससे भारत-पाक चर्चा प्रक्रियामें कोई परिवर्तन नहीं होगा । यह चर्चा आगे भी चलती रहेगी, यह केंद्र सरकारके सूत्रोंने कहा है ।
लादेनको ‘ओसामाजी’ संबोधित कर जिहादी आतंकवादियोंको
कांग्रेसके घरजंवाई सिद्ध करनेवाले दिग्विजय सिंह !
लखनऊ (उत्तरप्रदेश)- कांग्रेसके राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह (खान) ने लखनऊमें आयोजित एक पत्रकार परिषदमें कुख्यात आतंकवादी ओसामा-बिन-लादेनका आदरार्थी उल्लेख करते हुए कहा, ओसामाजी पाकिस्तानमें रह रहे थे ।’ (सिंह (खान) ने यह कहकर कांग्रेसका खरा रूप सार्वजनिक किया है । जिस आतंकवादीने सहस्रों लोगोंकी बलि ली, उसे आदरसे संबोधित कर सिंहने (खानने) स्पष्ट कर दिया है कि विश्वभरके आतंकवादी कांग्रेसके घरजंवाई हैं । क्या ऐसे दल कभी राष्ट्र और जनताका हित साध सकेंगे ?
- संपादक)
- संपादक)
केरल राज्यमें बंटे ओसामाको आदरांजलि देनेवाले पत्रक !
थिरुवनंतपुरम (तिरुवंतपुरम्) - अल्-कायदाके प्रमुख ओसामा बिन लादेनको आदरांजलि देनेवाले पत्रकों का केरलके कोट्टायम जनपदमें सर्वत्र वितरण किया गया है । इन पत्रकोंपर किसीका नाम नहीं छपा है । एक व्यक्तिने इन पत्रकोंका वितरण किया है, यह चंगनासेरीके नागरिकोंने बताया । ‘शूरवीर हुतात्माको हमारी मानवंदना’ यह वाक्य इन पत्रकोंपर छपा है । केरलके आरक्षकोंने इस विषयमें पूछताछ आरंभ की । (पाक आतंकवादियों का समर्थन करनेवाले देशद्रोहियोंको दंडित करनेवाले शासक इस देशको कभी प्राप्त होंगे क्या ? - संपादक )
लादेनकी आत्माको शांति मिलनेके लिए भारतमें मुसलमानोंद्वारा विशेष नमाज
श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) - ओसामा बिन लादेनकी आत्माको शांति मिलनेके लिए भारतमें स्थान-स्थानपर मुसलमानोंने विशेष नमाज पढी । (आज लादेनके लिए मुसलमान प्रार्थना कर रहे हैं । कल दाऊद इब्राहिम, कसाब, मुहम्मद अफजलके सुखी जीवनके लिए प्रार्थना करें, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए ! - संपादक)
भ्रष्टाचारके विरुद्ध उठ खडे होइए ! - योगऋषि प.पू. रामदेवबाबा
पेडणे (गोवा) - विदेशी अधिकोषोंमें जमा काले धनको देशमें वापस लाने, भ्रष्टाचारके आधारभूत १ सहस्र और ५०० रुपयोंके चलार्थपत्रोंको (नोटोंको) वापस लेने और काले धनको राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करनेके लिए योगऋषि प.पू. रामदेवबाबा ४ जून २०११ को ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सत्याग्रह’के एक भागके रूपमें अनशनपर बैठनेवाले हैं । भ्र्रष्टाचारविरोधी इस सबसे बडे आंदोलनको समर्थन देनेका आवाहन जब प.पू. रामदेवबाबाने पेडणेकी सभामें किया, तब इस आंदोलनमें समर्पित होनेके लिए सहस्रों नागरिकोंने अपने हाथ ऊंचे कर दिए । इस आंदोलनमें न्यूनतम १ करोड भारतीय अनशनपर बैठेंगे, यह विश्वास प.पू. रामदेवबाबाने इस समय व्यक्त किया । पेडणेके ‘वायकाउंट’ मैदानपर हुई इस जनसभामें १ सहस्र ५०० नागरिक उपस्थित थे ।
नांदेडमें आयोजित ‘योग विज्ञान शिविर’में हिंदु जनजागृति समिति
एवं सनातन संस्थाके सदस्योंका सक्रिय सहभाग
नांदेड (महाराष्ट्र) - यहांके तंत्रनिकेतन महाविद्यालयके प्रांगणमें १६ मईको योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाकी वंदनीय उपस्थितिमें पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान ट्रस्टकी ओरसे भव्य ‘योग विज्ञान शिविर’का आयोजन किया गया । इस शिविरका लाभ ३० सहस्र योगप्रेमियोंने लिया । शिविरके आयोजनमें हिंदु जनजागृति समितिके कार्यकर्ताओं एवं सनातन संस्थाके साधकोंने सक्रिय सहभाग लिया । इसी प्रकार, विश्व हिंदु परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आदि संगठनोंकी भी इस आयोजनमें सहभागिता रही ।
क्षणिकाएं : शिविरके दिन प्रातः ३.३० बजेसे हिंदु जनजागृति समितिके कार्यकर्ताओंने प्रांगणमें बैठक व्यवस्था करनेमें सहायता की और आगंतुकोंके (योगप्रेमियोंके) हस्ताक्षर लेनेकी सेवा निभाई ।
गोमंतक मंदिर महासंघ, हिंदु जनजागृति समिति एवं
सनातन संस्थाके प्रतिनिधियोंकी योगऋषि प.पू. रामदेवबाबासे भेंट
सनातन संस्थाके प्रतिनिधियोंकी योगऋषि प.पू. रामदेवबाबासे भेंट
मापसा (गोवा) – यहां योगऋषि प.पू. रामदेवबाबासे गोमंतक मंदिर और धार्मिक संस्था महासंघ, हिंदु जनजागृति समिति और सनातन संस्थाके प्रतिनिधियोंने भेंट कर उन्हें अपने कार्यकी जानकारी दी । योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाने सबको आशीर्वाद दिए ।
हिंदु जनजागृति समितिके कार्यको योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाके आशीर्वाद हिंदु जनजागृति समितिके कार्यको मेरा सदा समर्थन है, यह आशीर्वाद योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाने समितिके कार्यकर्ताओंको दिया । इस अवसरपर समितिकी ओरसे योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाको हिंदु धर्मजागृति सभाओंकी जानकारी देनेवाली दृश्यश्रव्य-चक्रिका एवं दैनिक ‘सनातन प्रभात’का ‘श्री शिवछत्रपति विशेषांक’ भेंट देकर उनका सम्मान किया गया ।
हिंदु जनजागृति समितिके कार्यको योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाके आशीर्वाद हिंदु जनजागृति समितिके कार्यको मेरा सदा समर्थन है, यह आशीर्वाद योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाने समितिके कार्यकर्ताओंको दिया । इस अवसरपर समितिकी ओरसे योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाको हिंदु धर्मजागृति सभाओंकी जानकारी देनेवाली दृश्यश्रव्य-चक्रिका एवं दैनिक ‘सनातन प्रभात’का ‘श्री शिवछत्रपति विशेषांक’ भेंट देकर उनका सम्मान किया गया ।
संत प.पू. पांडे महाराजजीके द्वारा योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाका सम्मान !
खारघर (नई मुंबई) - यहांके योगशिविरमें सनातन संस्थाके देवद, पनवेल आश्रममें निवास करनेवाले प.पू. परशराम पांडे महाराज इस योगशिविरमें प्रातः ५ बजेसे उपस्थित थे । योगशिविरके अंतमें योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाका सनातनकी ओरसे प.पू. पांडे महाराजजीने सम्मान किया । इस अवसरपर उन्होंने पुष्पहार, शॉल, श्रीफल और प.पू. पांडे महाराजजीद्वारा रचित ग्रंथ ‘श्री गणेश अध्यात्मदर्शन’ प.पू. बाबाको भेंट दिया तथा योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाको सनातन संस्थाके संस्थापक प.पू. डॉ. जयंत आठवलेजीके कार्यकी संक्षिप्त जानकारी दी ।
भारतके आशास्थान योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाके कार्यक्रमोंमें सम्मिलित होइए !
भारतको बलवान देखनेकी आकांक्षा रखनेवाले समस्त राष्ट्रप्रेमियोंके आशास्थान योगऋषि प.पू. रामदेवबाबाने ‘भारत स्वाभिमान आंदोलन’ नामक संगठनके माध्यमसे राष्ट्रद्रोहियोंके विरुद्ध व्यापक जनआंदोलन आरंभ किया है । भारतके राजनेता, प्रशासनिक उच्च अधिकारी और उद्योगपतियोंद्वारा विदेशी अधिकोषोंमें रखा हुआ काला धन भारतमें लानेकी दृष्टिसे भी उन्होंने व्यापक अभियान आरंभ कर दिया है । उनके इन प्रयत्नोंके एक भागके रूपमें उन्होंने फरवरी २०११ में नई दिल्लीके रामलीला मैदानपर १ लाख राष्ट्रप्रेमियोंको एकत्र कर, भ्रष्टाचारके संदर्भमें वेंâद्र शासनद्वारा कठोर उपाययोजना न किए जानेपर यह आंदोलन और उग्र करनेकी चेतावनी दी है । प.पू. रामदेवबाबा निष्कामभावसे बलवान भारतके निर्माणके लिए प्रयत्नोंकी पराकाष्ठा कर रहे हैं । उनका यह ध्येय साकार हो, यही प्रत्येक राष्ट्र और धर्म प्रेमी नागरिककी इच्छा है । इसलिए राष्ट्र और धर्मसे संबंधित उनके कार्यक्रम जहां हों, उसमें सनातनके साधकोंको सम्मिलित होना चाहिए । साधकोंको इसके लिए उनसे निमंत्रण मिलनेकी प्रतीक्षा करनेकी आवश्यकता नहीं ।
‘सन्स ऑफ बाबर’ नाटकका मंचन आरक्षकोंके सुरक्षा घेरेमें !
गोवा सरकारद्वारा मुसलमानोंकी चापलूसी करनेके लिए राष्ट्राभिमानी हिंदुओंपर एक और अन्याय !
पणजी (गोवा) - देशाभिमानी नागरिक और हिंदुत्ववादी संगठनोंने क्रूर मुगलोंको महान बतानेवाले केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोगके मंत्री सलमान खुर्शीदके ‘सन्स ऑफ बाबर’ नामक अंग्रेजी नाटकपर प्रतिबंधकी मांग की । फिर भी गोवा सरकारने प्रचंड आरक्षी-संरक्षणमें इस नाटकका मंचन १२ मईको पणजी स्थित नाट्यगृहमें करवाया । (हिंदुओ, इसी सरकारने ईसाइयोंकी धार्मिक भावना आहत होनेका कारण बताकर ‘द दा विंची कोड’ चित्रपट और भाजपा सरकारके शासनकालमें विद्यालयोंमें दिखाई जानेवाली ‘पुर्तगालियोंने हिंदुओंका किस प्रकार धर्मपरिवर्तन किया’, इस दृश्यश्रव्य-चक्रिकापर प्रतिबंध लगा दिया था । इससे स्पष्ट होता है कि सरकार मोहनदास गांधीके पदचिह्नोंपर चलते हुए निरंतर हिंदुओंपर अन्याय कर रही है । इसलिए हिंदुओंको हिंदुराष्ट्र स्थापन करनेके अतिरिक्त और कोई पर्याय नहीं - संपादक) यह नाटक देखनेके लिए राज्यपाल डॉ. शिविंदरसिंग सिद्धू, मुख्य सचिव संजय श्रीवास्तव, गोवा इंटरनेशनल सेंटरके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नंदिनी सहाय, गोवा इंटरनेशनल सेंटरके अर्जुन हळर्णकर और गोवा विश्वविद्यालयके कर्मचारी वर्ग मिलकर ५०० दर्शक उपस्थित थे । (राष्ट्राभिमानी हिंदुओ, इन राष्ट्रद्रोहियोंको पहचान लीजिए और वे जहां मिलें, वहां उनसे इस राष्ट्रद्रोहके विषयमें तीक्ष्ण प्रश्न कीजिए ! - संपादक)
इस नाटकके विरोधमें १२ मईको हिंदु जनजागृति समितिने पणजीमें प्रदर्शन कर सरकारका धिक्कार किया । हिंदु जनजागृति समितिको कला अकादमी परिसरमें प्रदर्शन करनेकी अनुमति नहीं दी गई थी । इसलिए यह प्रदर्शन पणजी-बेती फेरीबोट (नौका) तटपर किया गया । इससे पूर्व प्रातः हिंदु जनजागृति समितिने पणजी पुलिस थानेमें ज्ञापन देकर प्रदर्शन करनेकी सूचना देकर उसकी प्रतियां उपजनपद अधिकारी और आरक्षी उपअधीक्षकको भेजी गर्इं ।
इस नाटकके विरोधमें १२ मईको हिंदु जनजागृति समितिने पणजीमें प्रदर्शन कर सरकारका धिक्कार किया । हिंदु जनजागृति समितिको कला अकादमी परिसरमें प्रदर्शन करनेकी अनुमति नहीं दी गई थी । इसलिए यह प्रदर्शन पणजी-बेती फेरीबोट (नौका) तटपर किया गया । इससे पूर्व प्रातः हिंदु जनजागृति समितिने पणजी पुलिस थानेमें ज्ञापन देकर प्रदर्शन करनेकी सूचना देकर उसकी प्रतियां उपजनपद अधिकारी और आरक्षी उपअधीक्षकको भेजी गर्इं ।
देशमें ही नहीं, विदेशमें भी हिंदु जनजागृति समितिके साथ हूं !
देशमें ही नहीं, विदेशमें भी हिंदु जनजागृति समितिके साथ हूं ! - महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबा
| बाएंसे श्री. श्रीराम काणे, श्री. नीलेश सिंगबाळ, दीपप्रज्वलन करते हुए महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबा एवं श्री. गुरुराज प्रभु |
इंदौर (मध्यप्रदेश) - ‘हिंदु जनजागृति समितिको मैं शुभकामनाएं और आशीर्वाद देता हूं; और केवल देशमें ही नहीं विदेशमें भी मेरी आवश्यकता पडे तो मैं आपके साथ हूं । मैं समितिके कार्यके लिए कहीं भी अपने ही पैसोंसे उपस्थित रहूंगा’, ऐसा आश्वासन महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबाजीने मालवाके महाकुंभमें संपन्न हिंदु धर्मजागृति सभामें दिया । मध्यप्रदेशमें कम्प्यूटर बाबाद्वारा आयोजित मालवाके महाकुंभ, कालिकाधाम, गोम्मटगिरी, पश्चिम इंदौरमें हिंदु जनजागृति समितिद्वारा हिंदु धर्मजागृति सभा संपन्न हुई । इसका लाभ लगभग ७०० धर्माभिमानी हिंदुओंने लिया ।
मालवाके महाकुंभमें संपन्न सभामें महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबा, हिंदु जनजागृति समिति (राजस्थान) के श्री. श्रीराम काणे, सनातन संस्थाके श्री. गुरुराज प्रभु, हिंदु जनजागृति समिति (उत्तरप्रदेश) के श्री. निलेश सिंगबाळने सभामें उपस्थित धर्माभिमानियोंका मार्गदर्शन किया । १ मईको चक्रधर भगवान श्रीकृष्णकी पावन नगरी मथुराके (उत्तरप्रदेश) तारसी ग्रामके बलभद्रदेव मंदिरमें हिंदु धर्मजागृति सभाका आयोजन किया गया । इस सभाका लाभ लगभग ४०० हिंदुओंने लिया । सनातन संस्थाकी श्रीमती मोनिका सिंह, हिंदु जनजागृति समितिकी ओरसे वाराणसीके प्रवक्ता श्री. निलेश सिंगबाळ एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके प्रचारक और केशव धाम आश्रम (मथुरा) के अध्यक्ष श्री. पद्मसिंहजी के मार्गदर्शनका लाभ तारसी ग्रामवासियोंको प्राप्त हुआ । इस समय ‘केशकी आवश्यक देखभाल’ इस ग्रंथका लोकार्पण मा. श्री. पद्मसिंहजीके शुभहस्तोंसे किया गया ।
मार्गदर्शन करते हुए महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबाने कहा, ‘हिंदु जनजागृति समितिके कार्यकर्ता अपने ही कार्यकर्ता हैं । आज हिंदु धर्मीय धार्मिक संस्कारको भूल रहे हैं । समितिके कार्यकर्ता हमें पुनः वे संस्कार सिखानेका प्रयास कर रहे हैं । हिंदु चाहे कोई भी हो, संत हो, समाजसेवी अथवा नेता हो, उन्हें प्रताडित किया जा रहा है । हिंदु धर्मके लिए कोई भी कार्य करना हो, तो मैं पहले खडा रहूंगा । हमें हिंदुओंको स्मरण करवाना होगा कि, हमारा भी कोई सम्मान है, सामथ्र्य है ! यदि हमें कोई छेडे, तो हम भी शेर हैं, हम उन्हें नहीं छोडेंगे’, ऐसी कठोर चेतावनी भी महाराजजीने धर्मद्रोहियोंको दी ।
१. श्री. नरेन्द्र बक्षी, श्री. मूलचंद पांडेजी, श्री. मंगल कनेरे व श्री. चन्दन रघुवंशीजीने सभी कार्यकर्ताओंके लिए दस दिन तकके निःशुल्क भोजन एवं आवास व्यवस्था की ।
२. संतश्री कम्प्यूटर बाबाजीने धर्मसभाके लिए व्यासपीठ एवं महाकुंभ पर्वमें सभी साधकोंके निवास और भोजनकी व्यवस्था की ।
तारसी (मथुरा)
१. मंदिरके अध्यक्ष श्री. कन्हैयालालजी धर्मसभाको लेकर बहुत उत्साहित थे । उन्होंने तंबू (टेन्ट), ध्वनिप्रक्षेपण और व्यासपीठकी संपूर्ण व्यवस्था स्वयं प्रायोजित की ।
२. धर्मसभा स्थलपर १५० से अधिक ग्राम के बालकोंके लिए समितिके कार्यकर्ताओंने संस्कारवर्ग लिया ।
३. मंदिरके पुजारी श्री. खन्ना स्वामीजीने सभाके आयोजन हेतु अपना पूरा सहयोग दिया ।
४. बालनाटिका प्रस्तुत करने हेतु ग्रामके ८ बच्चोंने दो दिनमें ही सिद्धता की ।
सराहना
१. आप लोगोंके प्रयास बहुत अच्छे हैं और मैं इसमें सहभागी होना चाहता हूं । - स्वामी श्री अनंत देवाचार्य महात्यागी पंडित अनमोल शर्मा, इंदौर, मध्यप्रदेश.
२. यह सभा हम सभीका मनोबल बढानेवाली, शक्ति प्रदान करनेवाली रही । हमें विश्वास है कि ऐसा ही क्रम चलता रहा तो, आप संपूर्ण विश्वको परिवर्तित कर देंगे । - पं. हरिओम शर्मा, तारसी, पो. धनगांव, मथुरा.
मालवाके महाकुंभमें संपन्न सभामें महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबा, हिंदु जनजागृति समिति (राजस्थान) के श्री. श्रीराम काणे, सनातन संस्थाके श्री. गुरुराज प्रभु, हिंदु जनजागृति समिति (उत्तरप्रदेश) के श्री. निलेश सिंगबाळने सभामें उपस्थित धर्माभिमानियोंका मार्गदर्शन किया । १ मईको चक्रधर भगवान श्रीकृष्णकी पावन नगरी मथुराके (उत्तरप्रदेश) तारसी ग्रामके बलभद्रदेव मंदिरमें हिंदु धर्मजागृति सभाका आयोजन किया गया । इस सभाका लाभ लगभग ४०० हिंदुओंने लिया । सनातन संस्थाकी श्रीमती मोनिका सिंह, हिंदु जनजागृति समितिकी ओरसे वाराणसीके प्रवक्ता श्री. निलेश सिंगबाळ एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके प्रचारक और केशव धाम आश्रम (मथुरा) के अध्यक्ष श्री. पद्मसिंहजी के मार्गदर्शनका लाभ तारसी ग्रामवासियोंको प्राप्त हुआ । इस समय ‘केशकी आवश्यक देखभाल’ इस ग्रंथका लोकार्पण मा. श्री. पद्मसिंहजीके शुभहस्तोंसे किया गया ।
हिंदु धर्मके लिए कोई भी कार्य करना हो, तो मैं पहले खडा रहूंगा !
- महामंडलेश्वर संतश्री कम्प्यूटर बाबा
क्षणिकाएं
इंदौर१. श्री. नरेन्द्र बक्षी, श्री. मूलचंद पांडेजी, श्री. मंगल कनेरे व श्री. चन्दन रघुवंशीजीने सभी कार्यकर्ताओंके लिए दस दिन तकके निःशुल्क भोजन एवं आवास व्यवस्था की ।
२. संतश्री कम्प्यूटर बाबाजीने धर्मसभाके लिए व्यासपीठ एवं महाकुंभ पर्वमें सभी साधकोंके निवास और भोजनकी व्यवस्था की ।
तारसी (मथुरा)
१. मंदिरके अध्यक्ष श्री. कन्हैयालालजी धर्मसभाको लेकर बहुत उत्साहित थे । उन्होंने तंबू (टेन्ट), ध्वनिप्रक्षेपण और व्यासपीठकी संपूर्ण व्यवस्था स्वयं प्रायोजित की ।
२. धर्मसभा स्थलपर १५० से अधिक ग्राम के बालकोंके लिए समितिके कार्यकर्ताओंने संस्कारवर्ग लिया ।
३. मंदिरके पुजारी श्री. खन्ना स्वामीजीने सभाके आयोजन हेतु अपना पूरा सहयोग दिया ।
४. बालनाटिका प्रस्तुत करने हेतु ग्रामके ८ बच्चोंने दो दिनमें ही सिद्धता की ।
सराहना
१. आप लोगोंके प्रयास बहुत अच्छे हैं और मैं इसमें सहभागी होना चाहता हूं । - स्वामी श्री अनंत देवाचार्य महात्यागी पंडित अनमोल शर्मा, इंदौर, मध्यप्रदेश.
२. यह सभा हम सभीका मनोबल बढानेवाली, शक्ति प्रदान करनेवाली रही । हमें विश्वास है कि ऐसा ही क्रम चलता रहा तो, आप संपूर्ण विश्वको परिवर्तित कर देंगे । - पं. हरिओम शर्मा, तारसी, पो. धनगांव, मथुरा.
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